राज्य प्रशासनिक सेवा के 27 प्रशिक्षु अधिकारियों ने की सौजन्य भेंट
भोपाल. राज्य प्रशासनिक सेवा के 27 परिवीक्षाधीन डिप्टी कलेक्टर रैंक के अधिकारियों ने पुलिस मुख्यालय में पुलिस महानिदेशक कैलाश मकवाणा से सौजन्य भेंट की. डीजीपी मकवाणा ने सभी अधिकारियों से परिचय प्राप्त कर उनकी जिज्ञासाओं का समाधान किया. उन्होंने कहा कि प्रशासनिक कार्य प्रणाली में पुलिस और प्रशासन के बीच बेहतर समन्वय होना चाहिए. सुशासन एवं जन सेवा की दिशा में पुलिस और प्रशासन की साझा भूमिका अत्यंत महत्वपूर्ण है.

जनता से जीवंत संपर्क बनाए रखें
डीजीपी ने कहा कि आप सभी अपने-अपने कार्य क्षेत्र में जनहित को सर्वोपरि रखते हुए पारदर्शिता एवं संवेदनशीलता से काम करें. उन्होंने कहा कि जनता से जीवंत संपर्क बनाए रखें. इससे उनकी आवश्यकताओं और अपेक्षाओं को समझने में सहायता मिलेगी, जिससे प्रशासनिक परिणाम और अधिक प्रभावी होंगे. उन्होंने यह भी कहा कि सही कार्य प्रणाली अपनाने से आमजन के साथ सकारात्मक संबंध बनते हैं.

अधिकारी अपनी छवि के प्रति सजग रहें
डीजीपी ने करियर के कुछ दिलचस्प अनुभव भी साझा किए और बताया कि यदि अधिकारी ईमानदारी और निष्ठा से काम करेंगे तो जनता का विश्वास स्वतः जीता जा सकता है. जनता की सेवा और समस्याओं के संवेदनशील समाधान से ही पुलिस और प्रशासन के प्रति भरोसा मजबूत होता है. उन्होंने अधिकारियों से कहा कि प्रशासनिक कार्यों में बारीकी से अध्ययन करना बेहद जरूरी है. ग्रामीण विकास योजनाओं को समझना और उनके प्रभावी क्रियान्वयन के अवसर तलाशना उनका मुख्य दायित्व है. अधिकारी अपनी छवि के प्रति सजग रहें, अच्छा आचरण बनाए रखें और केवल किताबों तक सीमित न रहें, बल्कि ज्ञान का व्यवहारिक उपयोग रोज़मर्रा के कार्यों में दिखना चाहिए.
नोट्स बनाने की आदत बनाए रखने पर दिया जोर
डीजीपी ने अधिकारियों को नोट्स बनाने की आदत बनाए रखने और निरंतर सीखने पर जोर दिया. कहा कि आप जो भी अच्छा कार्य करेंगे. वही आपकी पहचान बनेगा और जीवनभर आपकी छवि को मजबूत करेगा. इस अवसर पर आरसीव्हीपी नरोन्हा प्रशासन एवं प्रबंधकीय अकादमी की सह प्रशिक्षण संचालक रुचि जैन , पीएसओ टू डीजीपी विनीत कपूर, एसओ टू डीजीपी मलय जैन तथा अन्य अधिकारी उपस्थित रहे.

