मोतीनगर चौराहा, बड़ा बाजार, सराफा बाजार, कटरा, गुजराती बाजार, राधा तिराहा सहित कई चौराहों पर दिन में कईयों बार लगता हैं जाम
सागर. शहर में जाम की समस्या आम बनी हुई है. मोतीनगर चौराहा, बड़ा बाजार, सराफा बाजार, कटरा, गुजराती बाजार, राधा तिराहा सहित कई चौराहों पर दिन में कईयों बार जाम लगता हैं. इस कारण दो पहिया, चार पहिया वाहनों सहित पैदल यात्री भी परेशान देखे जाते हैं. वहीं शहर के जिम्मेदार इस समस्या पर कोई ध्यान नहीं दे रहे हैं. सबसे ज्यादा बड़ा बाजार, सराफा बाजार में जाम से जनता का हाल बेहाल है. यहां की संकरी सड़कों और दुकानदारों द्वारा किए गए अतिक्रमण के कारण समस्या और बढ़ जाती है.

अधर में है सड़क चौड़ीकरण का प्रोजेक्ट
परकोटा से मोती नगर थाने तक सड़क के चौड़ीकरण का कार्य होना प्रस्तावित है, लेकिन विभाग की हीलाहवाली के कारण प्रोजेक्ट कई महीनों से अधर में लटका हुआ हैं. प्राप्त जानकारी के अनुसार परकोटा से मोती नगर थाने तक अभी सड़क की चौड़ाई करीब 9 मीटर है. इस सड़क की चौड़ाई को बढ़ाकर 14 मीटर किया जाना है. लेकिन चौड़ीकरण का कार्य कब शुरू होगा. इस बारे विभागीय अधिकारी चुप्पी साधे हुए हैं.
वन वे होने से नहीं मिल रहा बेनिफिट
तीन बत्ती से लेकर बड़े बाजार तक वन वे घोषित किया गया है. रास्ते के वन वे होने से तीन और चार पहिया वाहनों का प्रवेश वर्जित है. इसके बावजूद लोगों को जाम से राहत नहीं मिल रही है.
व्यापार-व्यवसाय पर असर
सराफा बाजार शहर का बड़ा व्यवसायिक केंद्र है. दिऩ में कईयों बार लगने वाले जाम का असर यहां के व्यापार पर पड़ रहा है. स्थानीय व्यापारियों के अनुसार जाम के कारण बाजार तक ग्राहक को आने में परेशानी होती है. इसी के साथ बाजार में कोई पार्किंग की भी व्यवस्था नहीं है.
अतिक्रमण से बढ़ी परेशानी
सड़क संकरी होने के बावजूद व्यापारियों ने सड़क पर अतिक्रमण कर लिया है. दुकानों के बाहर दुकानदार और ग्राहकों के वाहनों की पार्किंग की जाती है, जिससे वाहनों को निकलने में परेशानी होती है.

