खनिज विभाग ने माइंस सर्विलांस सिस्टम किया तैयार
भोपाल. प्रदेश की सभी खदानों में किए जा रहे खनन और उत्खनन की निगरानी 23 अगस्त से सैटेलाइट और एआई के जरिए शुरू हो जाएगी. इसके लिए खनिज विभाग ने माइंस सर्विलांस सिस्टम तैयार किया है. कटनी में 23 अगस्त को होने वाली माइनिंग कॉन्क्लेव में मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव इसे लॉन्च करेंगे. यह इसरो के सहयोग से संचालित होगा. अभी तक यह सिस्टम बतौर पायलट प्रोजेक्ट कुछ क्षेत्रों में काम कर रहा था. इसके लिए कंट्रोल एंड कमांड सेंटर तैयार हो चुके हैं. इससे खनिजों के अवैध उत्खनन और अवैध परिवहन पर प्रभावी रोक लगने के दावे किए जा रहे हैं. खनिजों के अवैध परिवहन को रोकने के लिए लगाए गए 40 ई- चेक गेट का भी शुभारंभ किया जाएगा.
खनन बंद होने पर बताना होगा कारण
माइंस सर्विलांस सिस्टम से लीज वाली खदानों से खनन की स्थिति पर भी निगरानी रखी जाएगी. यदि खनन बंद है तो कारण बताना होगा. खनन हो रहा है तो रॉयल्टी आदि की पोर्टल पर एंट्री नहीं करने का कारण पूछा जाएगा.
खनिज परिवहन की भी निगरानी
खनिजों का अवैध परिवहन रोकने एआई आधारित मानव-रहित 40 ई-चेक-गेट प्रदेश में स्थापित कर दिए गए हैं. इनका भी शुभारंभ मुख्यमंत्री करेंगे. ई-चेकगेट में वेरीफोकल कैमरा, आरएफआईडी रीडर, ऑटोमेटिक नंबर प्लेट रीडर की सहायता से खनिज परिवहन में वाले वाहन की जांच होगी. वजन भी दर्ज होगा। ईटीपी से अलग डेटा मिलने पर कार्रवाई होगी. पायलट प्रोजेक्ट के तौर पर भोपाल और रायसेन जिलों के ईंटखेड़ी रोड, औबेदुल्लागंज टोल प्लाजा के पास, नीलबड़, और बंगरसिया में ई-चेकगेट शुरू किए गए थे. प्रदेश में अब सभी 40 ई चेकगेट शुरू किए जा रहे हैं.
जिला खनिज अधिकारी को तत्काल मौके पर जांच करनी होगी
विभाग ने खदानों के लिए सैटेलाइट सर्विलांस सिस्टम के लिए साढ़े 7 हजार से ज्यादा लीज वाली खदानों की जिओ टैगिंग की है. इसे जिओ फेसिंग भी कहा जाता है. जीआईएस के माध्यम से खदानों की तय सीमा के अनुसार जिओ फैसिंग कर दी गई है. अब निगरानी सैटेलाइट और एआई के माध्यम से खनिज संचालनालय, जिलों में बने कंट्रोल रूम से होगी. विभाग ने ऐप भी तैयार कराया है. यदि कहीं जियो फेसिंग के बाहर, उत्खनन किया जाता है तो अलर्ट संबंधित कलेक्टर, खनिज अधिकारी, संचालक खनिज सहित कंट्रोल रूम में आ जाएगा. जिला खनिज अधिकारी को तत्काल मौके पर जांच करनी होगी. वहां अपनी लोकेशन दर्ज करनी होगी. वहां क्या देखा उसके फोटो सहित रिपोर्ट ऐप पर देनी होगी. यदि अवैध खनन किया जा रहा है तो तुरंत प्रकरण दर्ज कर सबमिट किया जाएगा ताकि आगे की कार्रवाई शुरू हो सके.

