भोपाल में कांग्रेस की पॉलिटिकल अफेयर्स कमेटी की बैठक
भोपाल. फर्जी वोटर्स के मुद्दे पर एमपी कांग्रेस ने भी मोर्चा खोल दिया है, राहुल गांधी की तरफ से 2023 विधानसभा चुनाव में वोटर लिस्ट में गड़बड़ी लगाने के आरोप के बाद एमपी कांग्रेस के नेता लगातार चुनाव आयोग पर सवाल उठा रहे हैं. भोपाल में कांग्रेस मुख्यालय पर पार्टी एमपी कांग्रेस की पॉलिटिकल अफेयर्स कमेटी की बैठक हुई. जिसमें पार्टी के सभी विधायकों और विधानसभा चुनाव में हारे प्रत्याशियों से कहा है कि वे अपने क्षेत्र के दो चुनाव का फर्जी वोटर्स का डेटा दें. बैठक में कांग्रेस के प्रदेश प्रभारी हरीश चौधरी ने कहा कि बीजेपी और इलेक्शन कमीशन अलग-अलग नहीं है. दोनों एक ही हैं.
इस मुद्दे को व्यापक स्तर पर उठाएगी पार्टी

बैठक में वोट चोरी के मुद्दे को व्यापक स्तर पर उठाने को लेकर चर्चा हुई. पार्टी के सभी विधायकों और विधानसभा चुनाव 2023 और 2018 में हारे हुए प्रत्याशियों से कहा है कि वे तत्समय के फर्जी वोटरों की जानकारी निकालें और लेकर आएं. विधायकों और हारे हुए विधानसभा प्रत्याशियों से यह भी कहा कि वह अपनी विधानसभा में जहां फर्जी वोटर संज्ञान में आए थे. उनकी वोटर लिस्ट सबूत सहित भेजें.
विधायकों ने मांगा 10 दिन का समय
विधायकों और हारे हुए प्रत्याशियों ने यह रिपोर्ट भेजने के लिए 10 दिन का समय मांगा है. उन्होंने कहा कि 10 दिन में पूरे प्रदेश की हर विधानसभा में वोटर लिस्ट में हुए फर्जीवाड़े की जानकारी मध्य प्रदेश कांग्रेस के पास आ जाएगी.
कांग्रेस पार्टी जनता के साथ हर संघर्ष में डटी रहेगी : उमंग सिंघार
उमंग सिंघार ने कहा कि यह बैठक संगठनात्मक एकजुटता और जनसेवा के संकल्प को और मजबूत करने का अवसर बनी, जहां जनता की आवाज को और मज़बूती से उठाने, वोट चोरी के खिलाफ आवाज बुलंद करने और प्रदेश में जनता के हक, न्याय एवं विकास के लिए कांग्रेस की प्रतिबद्धता को दोहराया गया. कांग्रेस पार्टी जनता के साथ हर संघर्ष में डटी रहेगी.
ये रहे मौजूद
बैठक में प्रदेश कांग्रेस अध्यक्ष जीतू पटवारी, विधानसभा में नेता प्रतिपक्ष उमंग सिंघार, राज्यसभा सदस्य एवं पूर्व मुख्यमंत्री दिग्विजय सिंह, संजय दत्त, फूल सिंह बरैया, बाला बच्चन, ओंकार सिंह मरकाम, एनपी प्रजापति, सुखदेव पांसे, अरुण यादव, विभा पटेल, सज्जन सिंह वर्मा, प्रवीण पाठक, नीटू सिकरवार आदि मौजूद रहे.
बैठक में ये लिए निर्णय
कमेटी के जरिए अलग-अलग मुद्दे बनाकर सरकार को घेरा जाएगा.
वोट चोरी, गद्दी छोड़ो अभियान चलाया जाएगा.
22 अगस्त से 7 सितंबर तक पूरे प्रदेश के अलग-अलग जिलों में रैली निकाली जाएगी.
बड़े शहर और राजधानी में कांग्रेस के वरिष्ठ नेता रैली का नेतृत्व करेंगे.
15 सितंबर से 15 अक्टूबर तक हस्ताक्षर अभियान चलाया जाएगा.
घर-घर पहुंच कर कांग्रेस लोगों को जोड़ने का प्रयास करेगी.
कमेटी के जरिए अलग-अलग मुद्दे बनाकर सरकार को घेरा जाएगा.
बुद्धिजीवी वर्ग, सामुदायिक नेता, स्थानीय प्रभावशाली नेता को हस्ताक्षर अभियान में भागीदारी बनाने के निर्देश दिए.
हस्ताक्षर अभियान के लिए प्रपत्र जारी किया जाएगा.
जिला अध्यक्षों के नाम को लेकर पॉलिटिकल कमेटी में सिंगल लाइन का प्रस्ताव पास.

