विदेशी कंपनियां भारत छोड़ो का शंखनाद, विदेशी सामानों की जलाई होली

स्वदेशी सुरक्षा ए‌वं स्वावलंबी अभियानः विदेशी सामान के बहिष्कार का लिया संकल्प 

सागर. प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी द्वारा विदेशी वस्तुओं के उपयोग से परहेज करने और स्वदेशी उत्पादों को अपनाने की अपील पर व्यापारी संगठनों ने सकारात्मक प्रतिक्रिया दी है. इसी कड़ी में स्वदेशी जागरण मंच के स्वदेशी सुरक्षा ए‌वं स्वावलंबी अभियान के अंतर्गत नमक मंडी स्थित कीर्ति स्तंभ चौक पर विदेशी कंपनियां भारत छोड़ो का शंखनाद किया. स्वदेशी जागरण मंच के साथ लायंस क्लब, कैट एवं अन्य संगठनों ने रैली के रूप में तीन बत्ती पहुंचकर विदेशी सामान की होली जलाई. इस अवसर पर उपस्थित कार्यकर्ताओं एवं नागरिकों ने स्वदेशी अपनाने तथा विदेशी सामान के बहिष्कार का संकल्प लिया.

भारत पर लगाए गए टैरिफ की आलोचना

इसके अलावा स्वदेशी जागरण मंच के जिला विचार वर्ग का आयोजन हुआ. इस आयोजन में विभिन्न सामाजिक, शैक्षणिक संस्थाओं, व्यापारिक संगठनों एवं समाजसेवी संस्थाओं का सम्मान हुआ. कार्यक्रम में मध्यप्रदेश एवं छत्तीसगढ़ प्रांत के क्षेत्र संगठक केशव दुवोलिया ने बौद्धिक सत्र में स्वदेशी की अवधारणा, विकास यात्रा और उसके महत्व पर प्रकाश डाला और अमेरिका द्वारा भारत पर लगाए गए टैरिफ की आलोचना की. मध्यप्रदेश स्वावलंबी केंद्र प्रमुख ए‌वं प्रांत समन्वयक कपिल मलैया ने कार्यक्रम की प्रस्तावना रखी. उन्होंने स्वदेशी की भावना को राष्ट्र की आत्मनिर्भरता से जोड़ते हुए इसे समय की आवश्यकता बताया . सागर विधायक शैलेन्द्र जैन ने अध्यक्षीय उद्बोधन  दिया. इस अवसर पर जिला संयोजक राजकुमार नामदेव, प्रभु दयाल पटेल और शकुंतला जैन ने भी अपने विचार व्यक्त किए.

ये भी रहे मौजूद

कार्यक्रम का स्वागत भाषण अखिलेश समैया ने दिया. वहीं जिला प्रशिक्षक रवीन्द्र सिंह ठाकुर ने सागर स्वावलंबी केंद्र की दो वर्ष से निरंतर चल रही गतिविधियों की जानकारी दी. मंच संचालन जिला समन्वयक नितिन पटैरिया ने किया एवं आभार प्रदर्शन युवा आयाम प्रांत प्रमुख सौरभ रांधेलिया ने व्यक्त किया. इस अवसर पर अंजली दुबे, सुनील सागर, करण श्रीवास्तव, शिव कुमार अग्रवाल, विनय मलैया, प्रशांत जैन, सुनीता अरिहंत, अतुल अग्रवाल आदि उपस्थित थे।

विदेशी बनाम स्वदेशी

कोल्ड ड्रिंक: कोका-कोला, पेप्सी जैसी विदेशी कंपनियों की जगह लस्सी, छाछ, शरबत, आम पना, नींबू पानी, और विभिन्न प्रकार के जूस जैसे भारतीय विकल्प अपनाएं.

फास्ट फूड: McDonald’s, KFC जैसे विदेशी ब्रांड्स की जगह स्थानीय ढाबों, भारतीय स्नैक्स और परंपरागत 36 भोग व्यंजनों को बढ़ावा दें.

गारमेंट्स: कई विदेशी ब्रांड्स भारत और बांग्लादेश जैसे देशों में कपड़े बनवाकर, अपने लेबल लगाकर करोड़ों का मुनाफा कमाते हैं. हम भारतीय ब्रांड्स जैसे Raymond, Manyavar, FabIndia, TT Garments को अपनाएं.

मोबाइल और इलेक्ट्रॉनिक्स: Apple, Samsung जैसी कंपनियों पर निर्भरता कम करके Lava, Micromax, Dixon जैसे भारतीय ब्रांड्स को बढ़ावा दें.

दवाइयाँ: भारत पहले से ही एक बड़ा फार्मा निर्माता है, लेकिन विदेशी ब्रांड्स का आयात अधिक है। हमें भारतीय जेनेरिक दवाओं को अपनाना चाहिए.

स्वदेशी सामान अपनाने से फायदे

  1. स्वास्थ्य लाभ — कोल्ड ड्रिंक और फास्ट फूड से दूरी बनाकर दूध, दही, घी और पारंपरिक छप्पन भोग अपनाने से बीमारियां कम होंगी.
  2. आर्थिक मजबूती — जब हम स्वदेशी खरीदेंगे, तो पैसा देश में ही घूमेगा और स्थानीय उद्योग बढ़ेंगे.
  3. रोजगार के अवसर पैदा करना — देश में उत्पादन बढ़ने से लाखों नए रोजगार बनेंगे. सरकारी और निजी कंपनियां में अवसर मिलने से लोगों को रोजगार मिलेगा और अर्थव्यवस्था को भी बढ़ावा मिलेगा.
  4. संस्कृति सुरक्षित — भारतीय उत्पादों में हमारी परंपरा और पहचान झलकती है.

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