कौन थी हीरो से ज्यादा पैसे लेने वाली एक्ट्रेस, जिनकी याद में मायूस है बॉलीवुड

हिंदी सिनेमा की पहली फीमेल सुपरस्टार बनीं

मुंबई. दिग्गज एक्ट्रेस श्रीदेवी का जन्म 13 अगस्त 1963 को हुआ था. वह हिंदी सिनेमा की पहली फीमेल सुपरस्टार बनीं. उन्होंने अपनी कमाल एक्टिंग से सबका मन मोह लिया था. श्रीदेवी अपने कठिन परिश्रम, डेडिकेशन और बेहतरीन अदाकारी के दम पर बॉलीवुड की ‘सुपरस्टार’ कही जाने लगीं और प्रोफेशनल लाइफ में खूब नाम कमाया था. 80 और 90 के दशक में जब अभिनेत्रियों को पुरुष कलाकारों की तुलना में कम फीस मिलती थी, तब श्रीदेवी ने यह मिथक तोड़ा. वह बॉलीवुड की पहली अभिनेत्री बनीं, जिन्हें एक फिल्म के लिए 1 करोड़ रुपए तक की फीस दी गई। यह उस समय के हिसाब से एक बड़ी उपलब्धि थी, जो उनके स्टारडम और प्रभाव का प्रतीक था. वहीं इस समय कई नामचीन हीरों की फीस उनकी फीस के काफी कम हुआ करती थी.

पर्सनल लाइफ को लेकर भी चर्चा में रहीं

श्रीदेवी अपनी पर्सनल लाइफ को लेकर भी चर्चा में रहीं. उन्होंने फिल्ममेकर बोनी कपूर से शादी की और इस शादी से उन्हें दो बेटियां हुईं. श्रीदेवी की बर्थ एनिवर्सरी पर उनके पति बोनी कपूर ने 36 साल पुरानी एक तस्वीर शेयर की है. उन्होंने 1990 में चेन्नई में रखी गई श्रीदेवी के 26वें जन्मदिन की तस्वीर शेयर की.

300 फिल्मोंं में किया था काम

श्रीदेवी का जन्म तमिलनाडु के एक छोटे से गांव मीनमपट्टी में हुआ। श्रीदेवी ने महज चार साल की उम्र में एक तमिल फिल्म में अभिनय किया था। तब शायद ही किसी ने सोचा हो कि यही बाल कलाकार एक दिन हिंदी फिल्म इंडस्ट्री में स्टार का दर्जा पाएगी। साल 1976 तक श्रीदेवी ने कई दक्षिण भारतीय फिल्मों में बतौर बाल कलाकार काम किया। बतौर अभिनेत्री उन्होंने अपने करियर की शुरुआत तमिल फिल्म ‘मुंदरू मुदिची’ से की। श्रीदेवी ने अपने तीन दशक लंबे करियर में लगभग 300 फिल्मों में काम किया। इनमें 63 हिंदी, 62 तेलुगु, 58 तमिल और 21 मलयालम फिल्में शामिल हैं। श्रीदेवी ने अपनी शादी के लगभग 15 साल के बाद गौरी शिंदे के निर्देशन में बनी फिल्म ‘इंग्लिश विंग्लिश’ के साथ कमबैक किया। श्रीदेवी को भारत सरकार ने कला के क्षेत्र में दिए गए उनके योगदान को देखते हुए पद्मश्री से सम्मानित किया। इसके अलावा उन्हें ‘चालबाज’ और ‘लम्हे’ के लिए बेस्ट अभिनेत्री का फिल्म फेयर पुरस्कार भी दिया गया था।

‘हिम्मतवाला’ के जरिए बॉलीवुड में रखा था कदम

हिंदी फिल्मों में बतौर अभिनेत्री श्रीदेवी ने अपने सिने करियर की शुरुआत साल 1979 में आई फिल्म ‘सोलहवां सावन’ से की. इस फिल्म को दर्शकों ने नकार दिया. श्रीदेवी वापस दक्षिण भारतीय फिल्मों की ओर लौट गई। साल 1983 में श्रीदेवी ने एक बार फिर फिल्म ‘हिम्मतवाला’ के जरिए बॉलीवुड में कदम रखा और फिर यहीं की होकर रह गईं. फिल्म की सफलता के बाद बतौर अभिनेत्री वह हिंदी फिल्म इंडस्ट्री में अपनी पहचान बनाने में कामयाब रहीं. इस फिल्म में उनके अपोजिट बॉलीवुड के जंपिंग जैक यानी कि जितेंद्र मुख्य भूमिका में थे. साल 1986 में रिलीज फिल्म ‘नगीना’ श्रीदेवी के सिने करियर की महत्वपूर्ण फिल्म साबित हुई. इस फिल्म में श्रीदेवी ने इच्छाधारी नागिन का किरदार निभाया. इस फिल्म का गीत ‘मैं तेरी दुश्मन दुश्मन तू मेरा…’ में श्रीदेवी ने अपनी बेहतरीन डांसिंग स्किल्स का भी परिचय दिया. खास बात यह है कि इसके बाद भी नाग-नागिन जैसी फंतासी पर कई फिल्में बनीं, लेकिन किसी को भी ‘नगीना’ जैसी सफलता हासिल नहीं हो सकी. साल 1987 में आई फिल्म ‘मिस्टर इंडिया’ श्रीदेवी की सबसे कामयाब फिल्म साबित हुई. साल 1989 में श्रीदेवी के सिने करियर की एक और महत्वपूर्ण फिल्म ‘चालबाज’ रिलीज हुई. इस फिल्म में श्रीदेवी ने दो जुड़वां बहनों की भूमिका अदा की थी.

महज 13 साल की उम्र में निभाया मां का किरदार

श्रीदेवी का अभिनय हमेशा उम्र और किरदार की सीमाओं से परे रहा. उन्होंने 13 साल की उम्र में फिल्म ‘मंदरू मुदिचू’ में रजनीकांत की सौतेली मां का रोल निभाया. यह किरदार आसान नहीं था, क्योंकि इसमें एक परिपक्व महिला की भूमिका थी. लेकिन श्रीदेवी ने इस भूमिका को इतनी संजीदगी से निभाया कि दर्शक उनकी उम्र को भूल गए।

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