IFFM 2025 में दिखा आमिर का जलवा, लैम्प जलाकर की कार्यक्रम की शुरुआत

इंडियन फिल्म फेस्टिवल ऑफ मेलबर्न का आयोजन

मुंबई. बॉलीवुड सुपरस्टार आमिर खान फिल्म ‘कुली’ को लेकर पहले से चर्चा में हैं. एक बार फिर वह इंडियन फिल्म फेस्टिवल ऑफ मेलबर्न (आईएफएफएम) को लेकर चर्चा में आ गए हैं. इस कार्यक्रम में वह अपनी गर्लफ्रेंड गौरी स्प्रैट के साथ पहुंचे. इसके बाद उन्होंने लैम्प जला कर इस प्रोग्राम का शुभारंभ किया.

आमिर ने रीति-रिवाजों का किया सम्मान 

आमिर खान ने अंतरराष्ट्रीय धरती पर रीति-रिवाजों और परंपराओं का सम्मान किया है. उन्होंने महोत्सव में दीप जलाने से पहले अपने जूते उतार दिए. इस मौके पर आमिर खान के साथ वीर दास, तिलोत्तमा शोम, जिम सर्भ, अदिति राव हैदरी, जयदीप अहलावत, जाने-माने फिल्ममकार शूजीत सरकार, अश्विनी अय्यर तिवारी, आर.एस. प्रसन्ना (निर्देशक सितारे जमीन पर), गायिका लिसा मिश्रा और मशहूर कास्टिंग डायरेक्टर मुकेश छाबड़ा मौजूद थे. इसके अलावा बख्शो बॉन्डी फिल्म की टैलेंटेड डायरेक्टर तनुश्री दास और उनकी टीम के कलाकार भी मौजूद रहे, क्योंकि यह फिल्म फेस्टिवल की ओपनिंग नाइट फिल्म के तौर पर पेश की जा रही है.

सिनेमा का एक बेहतरीन मंच है आईएफएफएम

कार्यक्रम में आमिर ने कहा कि वह इंडियन फिल्म फेस्टिवल ऑफ मेलबर्न (आईएफएफएम) 2025 का हिस्सा बनकर बेहद खुश हैं. मेलबर्न आकर बहुत अच्छा लग रहा है. यह सिनेमा का एक बेहतरीन मंच है, जो लोगों और संस्कृतियों को जोड़ता है. मुझे यकीन है कि इस फेस्टिवल में शामिल होने वाली सभी फिल्में और फिल्मकार एक शानदार अनुभव लेकर जाएंगे.

भारत और ऑस्ट्रेलिया के रिश्तों को मजबूत करने वाला पुल है कार्यक्रम

फेस्टिवल डायरेक्टर मीतू भोमिक लांगे ने अपनी खुशी जताते हुए कहा कि हर साल आईएफएफएम अद्भुत कहानियों, बेहतरीन प्रतिभाओं और सिनेमा के उस जुनून को एक मंच पर लाता है, जो सीमाओं से परे है. भारतीय सिनेमा की प्रेरणादायक आवाजों का मेलबर्न में शानदार मिलन हुआ है. हमें गर्व है कि आमिर खान जैसे दिग्गज, शूजीत सरकार और अश्विनी अय्यर तिवारी जैसे कहानीकार, और ऐसे कलाकारों ने मेज़बानी की, जिनका अभिनय दुनियाभर के दर्शकों को छू जाता है. इस साल का कार्यक्रम की शुरुआत बख्शो बॉन्डी के साथ हुई, रचनात्मकता, विविधता और सिनेमा की बेहतरीन मिसाल है. विक्टोरियन सरकार के समर्थन और इतने प्रतिष्ठित मेहमानों की मौजूदगी इस फेस्टिवल को न सिर्फ एक सांस्कृतिक उत्सव बनाती है. बल्कि भारत और ऑस्ट्रेलिया के रिश्तों को मजबूत करने वाला पुल भी है.

 

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *