79वें स्वतंत्रता दिवस पर प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने फहराया तिरंगा
दिल्ली. 79वें स्वतंत्रता दिवस पर प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने लाल किले पर तिरंगा फहराया. उन्होंंने दुनिया को सीधा संदेश देते हुए ऑपरेशन सिंदूर का जिक्र किया. कहा कि भारत अब ‘परमाणु धमकियों’ को नहीं सहने वाला है. अब ब्लैकमेलिंग नहीं सहेंगे. आज लाल किले की प्राचीर से ऑपरेशन सिंदूर के जांबाजों को सैल्यूट करने का अवसर मिला है. हमारे वीर सैनिकों ने दुश्मनों को उनकी कल्पना से परे सजा दी है. पहलगाम में सीमा पार से आतंकवादियों ने आकर जिस तरह कत्लेआम किया. धर्म पूछकर लोगों को मारा गया. पत्नी के सामने पति को गोलियां, बच्चों के सामने पिता को मौत के घाट उतार दिया गया. इससे पूरा हिंदुस्तान आक्रोश से भरा हुआ है. इस प्रकार के संहार से पूरा विश्व चौंक गया था. ऑपरेशन सिंदूर उसी आक्रोश की अभिव्यक्ति है.
खून और पानी साथ-साथ नहीं बहेंगे
पीएम मोदी ने सिंधु जल समझौते का भी जिक्र किया और कहा कि इस पर भारत के किसानों का अधिकार है. भारत ने तय किया है कि खून और पानी साथ-साथ नहीं बहेंगे. हिंदुस्तान को उसके हक का पानी मिलेगा. सिंधु समझौता एक तरफा और अन्यायपूर्ण था. राष्ट्रहित में ये समझौता मंजूर नहीं है. उन्होंने इस बात का भी संकेत दिया कि इस बार की दिवाली में भारतीयों को बड़ा तोहफा मिलने जा रहा है.
अब नेक्स्ट जनरेशन जीएसटी रिफॉर्म लेकर आ रहे हैं
प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने कहा कि इस दिवाली मैं आपके लिए इसे दोहरी दिवाली बनाने जा रहा हूं. इस दिवाली में बहुत बड़ा तोहफा देशवासियों को मिलने वाला है. उन्होंने कहा कि पिछले आठ वर्षों में, हमने जीएसटी में एक बड़ा सुधार किया है. अब नेक्स्ट जनरेशन जीएसटी रिफॉर्म लेकर आ रहे हैं. सामान्य मानविकी जरूरतों के टैक्स भारी मात्रा में कम कर दिए जाएंगे. बहुत बड़ी सुविधा बढ़ेगी. हमारे मध्यम और लघु उद्योगों को बहुत बड़ा लाभ मिलेगा.
देश के युवाओं को 15 हजार रुपए देगी केंद्र सरकार
उन्होंने प्रधानमंत्री विकसित भारत योजना का ऐलान किया है. ये स्कीम 15 अगस्त 2025 से ही लागू हो रही है. इसके तहत सरकार की तरफ से युवाओं को निजी क्षेत्र में नौकरी मिलने के बाद 15 हजार रुपए दिए जाएंगे. केंद्र सरकार ने पहले Employment Linked Incentive (ELI) नाम से इस योजना को लॉन्च करने का निर्णय लिया था, लेकिन बाद में इसका नाम विकसित भारत रोजगार योजना रखा गया. इस योजना का उद्देश्य युवाओं को पहली नौकरी में आर्थिक सहायता देना और नियोक्ताओं को नए रोजगार सृजन के लिए प्रोत्साहित करना है.

